Janmashtami 2019: जन्माष्टमी पर कुछ इस तरह से सजाएं घर और पूजा स्थल को

नई दिल्ली। 23 अगस्त को गोकुल जन्माष्टमी का त्योहार है, जिसकी तैयारियां जोरों पर हैं, पूरे देश में इस वक्त बांके बिहारी मंदिर को काफी सजाया गया है। अगर आप मंदिर नहीं जा पा रहे हैं तो घर में ही आप कान्हा जी की विशेष पूजा कर सकते हैं।

जिसके लिए हम आपको बताते हैं कुछ खास टिप्स

Janmashtami 2019: जानिए पूजा करने का सही मुहूर्त एवं समय

अगर घर में आपके छोटे बच्चे हैं तो आप उन्हें कान्हा या राधा के रूप में सजा सकते
पूजा स्थल को कुछ इस तरह से सजाएं

अगर घर में आपके छोटे बच्चे हैं तो आप उन्हें कान्हा या राधा के रूप में सजा सकते हैं।
पूजा स्थल को साफ करके आप कान्हा की मूर्ति स्थापित करते वहां फूल-माला से उसे सजा सकते हैं। आप सजावट के लिये गेदें और गुलाब के फूलों का प्रयोग कर सकते हैं।

पर्दों या साड़ी का प्रयोग कर सकते हैं
चमेली का फूल

पूजास्थल के पीछे की दीवार ढंकने के लिये आप चमकदार और अलग अलग रंगों के पर्दों या साड़ी का प्रयोग कर सकते हैं, भगवान श्रीकृष्ण को चमेली का फूल काफी पसंद था, इसलिए आप उन्हें चमेली की माला का प्रयोग कर सकते हैं।बाल गोपाल के साइज का कपड़ा खरीदे और उसके साथ गंहने, गले का हार, मुकुट और बांसुरी भी खरीदें। कई घरों में श्री कृष्‍ण जी का खुद का आसन होता है, जिसे भी आप सुंदर कपड़े और फूलों से सजा सकते हैं।

चंदन का टीका
पीले और लाल रंग का वस्त्र

पूजा के लिए पीले और लाल रंग को बहुत शुभ माना जाता है। तो ऐसे में आप भी भगवान को इसी रंग से सजाइए तो अच्छा रहेगा, साथ ही आप उन्हें चंदन का टीका लगाकर उन्हें प्रसन्न करें।

इस दिन रात 12 बजे तक व्रत रखने की परंपरा है।
रात 12 बजे श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है..

भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद माह के कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि बारह बजे हुआ था इसलिए रात 12 बजे श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है, लड्डू गोपाल स्वरूप का सोलह श्रंगार किया जाता है। कई स्थानों पर रात बारह बजे खीरा ककड़ी के अंदर से भगवान कृष्ण का जन्म कराया जाता है।

source: oneindia.com

TheLogicalNews

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