G-7 में PM मोदी की क्रिकेट डिप्लोमेसी, एशेज में जीत की ब्रिटिश पीएम को दी बधाई

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जी-7 (G7) में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल है. साल 1977 से इस समूह में यूरोपियन यूनियन (European Union) भी शामिल होता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) G-7 में हिस्सा लेने के लिए रविवार को फ्रांस पहुंचे. यहां पहुंचने के बाद फ्रांस के बिआरिट्ज शहर में पीएम मोदी को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ (Guard of Honor) दिया गया. पीएम मोदी ने फ्रांस में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन से मुलाकात की. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय महत्व के कई मुद्दों पर बात हुई. इसके बाद पीएम मोदी संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियों गुटेरेस से मिले.
जी-7 समूह में दुनिया के सात ऐसे विकसित देश (Developed Countries) हैं जो दुनिया के तमाम फैसलों की राह तय करते हैं. हालांकि भारत इस क्लब का मेंबर नहीं है फिर भी पीएम मोदी को वहां आमंत्रित किया गया.

पीएम मोदी ने की ब्रिटिश पीएम जॉनसन से मुलाकात
पीएम मोदी ने ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन से मुलाकात की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई. इसके अलावा व्यापार, निवेश, रक्षा और सुरक्षा, और शिक्षा क्षेत्र में मिलकर काम करने पर चर्चा हुई. प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसपर ट्वीट किया, ‘पीएम नरेंद्र मोदी फ्रांस के बिआरित्‍ज पहुंच गए हैं. जहां वह जी-7 शिखर सम्‍मेलन में भाग लेंगे.’ बता दें कि जी-7 में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल है. साल 1977 से इस समूह में यूरोपियन यूनियन भी शामिल होता है.

बता दें, यह पहले जी-8 समूह था, इसमें अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और रूस शामिल थे. यूरोपीय संघ भी वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होता है लेकिन जब अमेरिका के सत्ता की कमान बराक ओबामा के हाथ में गई उस वक्त रूस बाहर हो गया था. क्रिमिया पर रूस के कब्जे के बाद 2014 में उसे जी-8 से बाहर कर दिया गया था और तब से यह जी 7 समूह है.

तीन देशों की विदेश यात्रा के पहले चरण में फ्रांस पहुंच पीएम मोदी के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि हमने जी-7 पर बात की. हम चाहते थे कि भारत इस समिट का हिस्सा बने क्योंकि बिना उसके हम कुछ मुद्दों पर आगे नहीं बढ़ सकते.

बतौर फ्रांस के राष्ट्रपति और जी-7 के आयोजक देश के तौर पर मैक्रों को यह अधिकार है कि वह इस समूह के बाहर किसी अन्य देश को भी बुला सकते हैं. भारत को मिले आमंत्रण से यह स्पष्ट हो रहा है कि दुनिया भर में देश की ताकत बढ़ रही है.

किस मुद्दे पर हो सकती है चर्चा?
माना जा रहा है कि भारत को आमंत्रित करने के पीछे जम्मू और कश्मीर से आर्टिकल 370 और आर्टिकल 35ए हटने के बाद, सीमा पर बढ़े तनाव की चर्चा हो सकती है. हालांकि भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए हटाना उसका आंतरिक मामला है. इसके साथ कश्मीर मसले पर किसी भी तरह की बातचीत सिर्फ पाकिस्तान से ही होगी. इस बैठक में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी पीएम मोदी की मुलाकात होगी.

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TheLogicalNews

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